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ramayan 6.82.24-25h: हनुमान् जी को श्री रामचन्द्र जी के पास जाते देख वह दुष्टात्मा इन्द्रजित होम करने की इच्छा से निकुम्भिलादेवी के मन्दिर में गई। 24 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  6.82.24-25h 
तत: प्रेक्ष्य हनूमन्तं व्रजन्तं यत्र राघव:॥ २४॥
स होतुकामो दुष्टात्मा गतश्चैत्यं निकुम्भिलाम्।
 
 
अनुवाद
हनुमान् जी को श्री रामचन्द्र जी के पास जाते देख वह दुष्टात्मा इन्द्रजित होम करने की इच्छा से निकुम्भिलादेवी के मन्दिर में गई। 24 1/2॥
 
Seeing Hanuman ji going to Shri Ramchandra ji, the evil spirit went to the temple of Nikumbhiladevi with the desire to perform Indrajit Homa. 24 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)