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ramayan 6.82.23-24h: ऐसा कहकर वानरश्रेष्ठ हनुमानजी ने समस्त वानरों को युद्ध करने से मना किया और अपनी समस्त सेना के साथ निर्भय होकर धीरे-धीरे लौट गए।   |   ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  6.82.23-24h 
इत्युक्त्वा वानरश्रेष्ठो वारयन् सर्ववानरान्॥ २३॥
शनै: शनैरसंत्रस्त: सबल: संन्यवर्तत।
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर वानरश्रेष्ठ हनुमानजी ने समस्त वानरों को युद्ध करने से मना किया और अपनी समस्त सेना के साथ निर्भय होकर धीरे-धीरे लौट गए।
 
Having said this, Hanuman, the best of the monkeys, forbade all the monkeys from fighting and slowly returned fearlessly with his entire army. 23 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)