Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.82.22-23h: अब हमें भगवान राम और सुग्रीव को यह बात बता देनी चाहिए। फिर वे जो भी प्रतिशोध करने का विचार करेंगे, हम वैसा ही करेंगे।॥22 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  6.82.22-23h 
इममर्थं हि विज्ञाप्य रामं सुग्रीवमेव च॥ २२॥
तौ यत् प्रतिविधास्येते तत् करिष्यामहे वयम्।
 
 
अनुवाद
अब हमें भगवान राम और सुग्रीव को यह बात बता देनी चाहिए। फिर वे जो भी प्रतिशोध करने का विचार करेंगे, हम वैसा ही करेंगे।॥22 1/2॥
 
‘Now we should inform Lord Rama and Sugriv about this. Then whatever retaliation they think of, we will do the same.'॥ 22 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)