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ramayan 6.82.14-15h: वे भयंकर शक्तिशाली वानर योद्धा युद्धस्थल में इन्द्रजित पर उन वृक्षों और पर्वत शिखरों को फेंकने लगे। वृक्षों और पर्वत शिखरों की वर्षा करते हुए वे वानर शत्रुओं का संहार करने लगे और भाँति-भाँति की आवाजें निकालते हुए गर्जना करने लगे।   |   ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.82.14-15h 
क्षिपन्तीन्द्रजितं संख्ये वानरा भीमविक्रमा:।
वृक्षशैलमहावर्षं विसृजन्त: प्लवंगमा:॥ १४॥
शत्रूणां कदनं चक्रुर्नेदुश्च विविधै: स्वनै:।
 
 
अनुवाद
वे भयंकर शक्तिशाली वानर योद्धा युद्धस्थल में इन्द्रजित पर उन वृक्षों और पर्वत शिखरों को फेंकने लगे। वृक्षों और पर्वत शिखरों की वर्षा करते हुए वे वानर शत्रुओं का संहार करने लगे और भाँति-भाँति की आवाजें निकालते हुए गर्जना करने लगे।
 
Those terrifyingly powerful monkey warriors began to throw those trees and mountain peaks on Indrajit on the battlefield. While raining down trees and mountain peaks, they began to kill the monkey enemies and roar in different voices. 14 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)