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ramayan 6.82.13: तत्पश्चात् सैकड़ों विशाल वानर हाथों में वृक्ष और पर्वत शिखर लेकर गर्जना करते हुए इन्द्रजित की ओर दौड़े॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.82.13 
तमभ्यधावन् शतशो नदन्त: काननौकस:।
ते द्रुमांश्च महाकाया गिरिशृङ्गाणि चोद्यता:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् सैकड़ों विशाल वानर हाथों में वृक्ष और पर्वत शिखर लेकर गर्जना करते हुए इन्द्रजित की ओर दौड़े॥13॥
 
Thereafter, hundreds of giant monkeys, carrying trees and mountain peaks in their hands, ran towards Indrajit roaring. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)