Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.82.11: अतः वह शिला अपने सारथि सहित रथ पर बैठे हुए इन्द्रजित तक पहुँचने के स्थान पर पृथ्वी को चीरकर उसमें समा गई। रथ को चलाने का सारा प्रयत्न व्यर्थ हो गया॥11॥ | ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः वह शिला अपने सारथि सहित रथ पर बैठे हुए इन्द्रजित तक पहुँचने के स्थान पर पृथ्वी को चीरकर उसमें समा गई। रथ को चलाने का सारा प्रयत्न व्यर्थ हो गया॥11॥
Therefore, instead of reaching Indrajit who was sitting on the chariot with his charioteer, the rock broke through the earth and got absorbed in it. All the efforts made to steer the chariot went in vain.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥