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ramayan 6.82.10: जब सारथी ने उसे अपनी ओर आते देखा तो उसने तुरन्त अपने नियंत्रण में लिए घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे रथ को बहुत दूर ले गया। 10.   |   ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.82.10 
तामापतन्तीं दृष्ट्वैव रथ: सारथिना तदा।
विधेयाश्वसमायुक्त: विदूरमपवाहित:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जब सारथी ने उसे अपनी ओर आते देखा तो उसने तुरन्त अपने नियंत्रण में लिए घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे रथ को बहुत दूर ले गया। 10.
 
When the charioteer saw her coming towards him, he immediately moved the chariot drawn by the horses under his control to a great distance. 10.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)