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ramayan 6.80.9: उस एक ही आहुति से अग्नि प्रज्वलित हो गई, उसमें धुआँ नहीं रहा और बड़ी-बड़ी लपटें उठने लगीं। उस अग्नि में विजयसूचक सभी चिह्न प्रकट हो गए॥9॥   |   ramayan सर्ग 6.80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.80.9 
सकृद्धोमसमिद्धस्य विधूमस्य महार्चिष:।
बभूवुस्तानि लिङ्गानि विजयं दर्शयन्ति च॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उस एक ही आहुति से अग्नि प्रज्वलित हो गई, उसमें धुआँ नहीं रहा और बड़ी-बड़ी लपटें उठने लगीं। उस अग्नि में विजयसूचक सभी चिह्न प्रकट हो गए॥9॥
 
With that one-offering, the fire ignited, there was no smoke in it and huge flames were rising. All the signs that indicated victory appeared in that fire.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)