श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.80.37 
लक्ष्मणस्तु तत: क्रुद्धो भ्रातरं वाक्यमब्रवीत्।
ब्राह्ममस्त्रं प्रयोक्ष्यामि वधार्थं सर्वरक्षसाम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
तब लक्ष्मण अत्यन्त क्रोधित होकर अपने भाई से बोले - 'आर्य! अब मैं ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करके समस्त राक्षसों का नाश करूँगा।' ॥37॥
 
Then Lakshmana became very angry and said to his brother - 'Arya! Now I will use Brahmastra to destroy all the demons.' ॥ 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)