Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.80.31: वे दोनों श्रेष्ठ पुरुष बाणों के समूह से शोभायमान होकर अपने ऊपर गिरते हुए सायकों को अनेक प्रहारों से काट डालते थे ॥31॥   |   ramayan सर्ग 6.80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.80.31 
अतिमात्रं शरौघेण दीप्यमानौ नरोत्तमौ।
तानिषून् पततो भल्लैरनेकैर्विचकर्ततु:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों श्रेष्ठ पुरुष बाणों के समूह से शोभायमान होकर अपने ऊपर गिरते हुए सायकों को अनेक प्रहारों से काट डालते थे ॥31॥
 
Those two best men, resplendent with masses of arrows, used to cut down the sayaks falling on them with many blows. 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)