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स ददर्श महावीर्यौ नागौ त्रिशिरसाविव।
सृजन्ताविषुजालानि वीरौ वानरमध्यगौ॥ २०॥
अनुवाद
युद्धभूमि में आकर उस रात्रिचर ने महाबली श्री राम और लक्ष्मण को वानरों के बीच में खड़े होकर बाण वर्षा करते हुए देखा, जो (लंबे कद और चौड़े कंधों के कारण) तीन मुंह वाले सर्पों के समान दिख रहे थे।
Coming to the battlefield, that night-walker saw the mighty heroes Shri Ram and Lakshman, standing in the midst of the monkeys and raining arrows, and looking like three-headed serpents (due to their being tall and having broad shoulders).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥