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ramayan 6.80.19: तत्पश्चात् दसमुख वाले रावण से प्रेरित होकर इन्द्र का शत्रु इन्द्रजित् क्रोधपूर्वक युद्धभूमि में आया। उसके हाथ में धनुष और तीखी तलवार थी।   |   ramayan सर्ग 6.80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.80.19 
आपपाताथ संक्रुद्धो दशग्रीवेण चोदित:।
तीक्ष्णकार्मुकनाराचैस्तीक्ष्णस्त्विन्द्ररिपू रणे॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् दसमुख वाले रावण से प्रेरित होकर इन्द्र का शत्रु इन्द्रजित् क्रोधपूर्वक युद्धभूमि में आया। उसके हाथ में धनुष और तीखी तलवार थी।
 
After that, Indra's enemy Indrajit, inspired by the ten-faced Ravana, came to the battlefield in anger. He had a bow and sharp sword in his hands. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)