Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.80.16: विजयी इन्द्रजित् नगर से बाहर आकर निरऋति-देवता से सम्बन्धित मन्त्रों द्वारा अग्नि में आहुति दे, वह अन्तर्धान की शक्ति से परिपूर्ण हो और इस प्रकार कहे - ॥16॥ | ramayan सर्ग 6.80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विजयी इन्द्रजित् नगर से बाहर आकर निरऋति-देवता से सम्बन्धित मन्त्रों द्वारा अग्नि में आहुति दे, वह अन्तर्धान की शक्ति से परिपूर्ण हो और इस प्रकार कहे - ॥16॥
The victorious Indrajit, coming out of the city, should offer offerings in the fire with the mantras related to Nirriti-God, may he be filled with the power of Antardhana and said thus - ॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥