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ramayan 6.80.14: इंद्रजीत का ध्वज प्रज्वलित अग्नि के समान चमक रहा था। वह बड़े-बड़े सोने के कंगनों और नीलमणियों से सुसज्जित था।   |   ramayan सर्ग 6.80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.80.14 
जाम्बूनदमहाकम्बुर्दीप्तपावकसंनिभ:।
बभूवेन्द्रजित: केतुर्वैदूर्यसमलंकृत:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इंद्रजीत का ध्वज प्रज्वलित अग्नि के समान चमक रहा था। वह बड़े-बड़े सोने के कंगनों और नीलमणियों से सुसज्जित था।
 
Indrajit's flag shone like a blazing fire. It was adorned with large gold bangles and decorated with sapphires.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)