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ramayan 6.80.12: चार घोड़ों से जुता हुआ वह उत्तम रथ, जिसके अन्दर तीक्ष्ण बाण और विशाल धनुष रखा हुआ था, अत्यन्त शोभा पा रहा था॥12॥   |   ramayan सर्ग 6.80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.80.12 
स वाजिभिश्चतुर्भिस्तु बाणैस्तु निशितैर्युत:।
आरोपितमहाचाप: शुशुभे स्यन्दनोत्तम:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
चार घोड़ों से जुता हुआ वह उत्तम रथ, जिसके अन्दर तीक्ष्ण बाण और विशाल धनुष रखा हुआ था, अत्यन्त शोभा पा रहा था॥12॥
 
That excellent chariot drawn by four horses, with sharp arrows and a huge bow kept inside it, was looking very beautiful. ॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)