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ramayan 6.8.19: तत्पश्चात् महाबली कुम्भकर्णकुमार निकुम्भ ने अत्यन्त क्रोधित होकर समस्त लोकों को रुलाने वाले रावण से कहा- ॥19॥   |   ramayan सर्ग 6.8: प्रहस्त, दुर्मुख, वज्रदंष्ट, निकुम्भ और वज्रहनु का रावण के सामने शत्रु-सेना को मार गिराने का उत्साह दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 8: प्रहस्त, दुर्मुख, वज्रदंष्ट, निकुम्भ और वज्रहनु का रावण के सामने शत्रु-सेना को मार गिराने का उत्साह दिखाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.8.19 
कौम्भकर्णिस्ततो वीरो निकुम्भो नाम वीर्यवान्।
अब्रवीत् परमक्रुद्धो रावणं लोकरावणम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् महाबली कुम्भकर्णकुमार निकुम्भ ने अत्यन्त क्रोधित होकर समस्त लोकों को रुलाने वाले रावण से कहा- ॥19॥
 
Thereafter, the mighty brave Kumbhakarna Kumar Nikumbh became very angry and said to Ravana, who made all the worlds cry - 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)