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श्लोक 36
श्लोक
6.79.36
तच्छूलं निहतं दृष्ट्वा रामेणाक्लिष्टकर्मणा।
साधु साध्विति भूतानि व्याहरन्ति नभोगता:॥ ३६॥
अनुवाद
महान् कर्म करने वाले भगवान् राम के द्वारा उस भाले को टूटा हुआ देखकर आकाश के समस्त प्राणी उनकी स्तुति करने लगे। 36.
Seeing that spear broken by Lord Rama, the great performer of great deeds, all the creatures in the sky began to praise him. 36.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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