श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 79: श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा मकराक्ष का वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.79.3 
वृक्षशूलनिपातैश्च गदापरिघपातनै:।
अन्योन्यं मर्दयन्ति स्म तदा कपिनिशाचरा:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उस समय वानर और रात्रिचर जीव वृक्षों, भालों, गदाओं और बरछियों के प्रहार से एक-दूसरे को कुचलने लगे।
 
At that time the monkeys and the nocturnal creatures began crushing each other with the blows of trees, spears, maces and spears.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)