जीमूतयोरिवाकाशे शब्दो ज्यातलयोरिव।
धनुर्मुक्त: स्वनोऽन्योन्यं श्रूयते च रणाजिरे॥ २४॥
अनुवाद
धनुष की डोरी और हथेलियों के घर्षण से उत्पन्न ध्वनि युद्धभूमि में एक साथ सुनाई देती थी, मानो आकाश में दो बादलों के गरजने की ध्वनि हो।
The sound produced by the bow, by rubbing the bowstring and the palm of their hands, was heard together in the battlefield, like the sound of two clouds rumbling in the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥