श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 79: श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा मकराक्ष का वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.79.21 
राघवेणैवमुक्तस्तु मकराक्षो महाबल:।
बाणौघानमुचत् तस्मै राघवाय रणाजिरे॥ २१॥
 
 
अनुवाद
श्री रघुनाथजी की यह बात सुनकर महाबली मकराक्ष ने युद्धस्थल में उन पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Upon hearing Sri Raghunath say this, the mighty Makaraksha began showering arrows upon him on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)