श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 79: श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा मकराक्ष का वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.79.17 
मकराक्षवच: श्रुत्वा रामो दशरथात्मज:।
अब्रवीत् प्रहसन् वाक्यमुत्तरोत्तरवादिनम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
मकराक्ष के ये वचन सुनकर दशरथपुत्र भगवान राम जोर-जोर से हंसने लगे और बार-बार बहाने बनाने वाले राक्षस से बोले-॥17॥
 
On hearing these words of Makaraksha, Lord Rama, son of Dasharatha, started laughing loudly and said to the demon who was making repeated excuses -॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)