श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 79: श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा मकराक्ष का वध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.79.10 
तिष्ठ राम मया सार्धं द्वन्द्वयुद्धं भविष्यति।
त्याजयिष्यामि ते प्राणान् धनुर्मुक्तै: शितै: शरै:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राम! ठहरो, अब तुम्हारा मुझसे द्वन्द्वयुद्ध होगा। आज मैं अपने धनुष से छोड़े हुए तीखे बाणों से तुम्हारे प्राण ले लूँगा।॥10॥
 
Rama! Wait, you will have a duel with me. Today I will take your life with the sharp arrows shot from my bow.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)