श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 77: हनुमान् के द्वारा निकुम्भ का वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.77.14 
स तथाभिहतस्तेन हनूमान् प्लवगोत्तम:।
मुष्टिं संवर्तयामास बलेनातिमहाबल:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
महान और शक्तिशाली वानरों के सरदार हनुमान ने परिघकी के प्रहार से आहत होकर अपनी मुट्ठी जोर से भींच ली।
 
Hanuman, the great and powerful chief of the monkeys, after being struck by the blow of Parighaki, clenched his fist forcefully.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)