श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 76: अङ्गद के द्वारा कम्पन और प्रजङ्घका द्विविद के द्वारा शोणिताक्षका, मैन्द के द्वारा यूपाक्षका और सुग्रीव के द्वारा कुम्भ का वध  »  श्लोक 71-72
 
 
श्लोक  6.76.71-72 
निकुम्भाग्रज वीर्यं ते बाणवेगं तदद्भुतम्॥ ७१॥
संनतिश्च प्रभावश्च तव वा रावणस्य वा।
प्रह्लादबलिवृत्रघ्नकुबेरवरुणोपम॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
निकुंभ के बड़े भाई कुंभ! तुम्हारा पराक्रम और बाणों का वेग अद्भुत है। राक्षसों के प्रति विनम्रता या झुकाव और प्रभाव या तो तुममें है या रावण में। तुम प्रह्लाद, बलि, इंद्र, कुबेर और वरुण के समान हो।
 
‘Kumbha, the elder brother of Nikumbha! Your prowess and the speed of your arrows are amazing. The humility or inclination and influence towards the demons is either in you or in Ravana. You are like Prahlad, Bali, Indra, Kubera and Varun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)