Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.76.67: वृक्षों की उस वर्षा ने आकाश को ढक लिया। उससे बचना बहुत कठिन हो रहा था; परंतु श्रीमान् कुम्भकर्ण के पुत्र ने अपने तीखे बाणों से उन सब वृक्षों को काट डाला। | ramayan सर्ग 6.76: अङ्गद के द्वारा कम्पन और प्रजङ्घका द्विविद के द्वारा शोणिताक्षका, मैन्द के द्वारा यूपाक्षका और सुग्रीव के द्वारा कुम्भ का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वृक्षों की उस वर्षा ने आकाश को ढक लिया। उससे बचना बहुत कठिन हो रहा था; परंतु श्रीमान् कुम्भकर्ण के पुत्र ने अपने तीखे बाणों से उन सब वृक्षों को काट डाला।
That rain of trees covered the sky. It was becoming very difficult to avoid it; but Shriman Kumbhakarna's son cut down all those trees with his sharp arrows. 67.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥