Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.76.64-65: कुम्भ के बाणों की वर्षा से पीड़ित उन समस्त वानर समूहों को देखकर वानरराज सुग्रीव ने अपने भतीजे अंगद को पीछे धकेल दिया और स्वयं युद्धस्थल में कुम्भकर्ण के पुत्र पर उसी प्रकार आक्रमण किया, जैसे कोई वेगवान सिंह पर्वत की चोटी पर विचरण करने वाले हाथी पर आक्रमण करता है। | ramayan सर्ग 6.76: अङ्गद के द्वारा कम्पन और प्रजङ्घका द्विविद के द्वारा शोणिताक्षका, मैन्द के द्वारा यूपाक्षका और सुग्रीव के द्वारा कुम्भ का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुम्भ के बाणों की वर्षा से पीड़ित उन समस्त वानर समूहों को देखकर वानरराज सुग्रीव ने अपने भतीजे अंगद को पीछे धकेल दिया और स्वयं युद्धस्थल में कुम्भकर्ण के पुत्र पर उसी प्रकार आक्रमण किया, जैसे कोई वेगवान सिंह पर्वत की चोटी पर विचरण करने वाले हाथी पर आक्रमण करता है।
Seeing all those groups of monkeys suffering from the shower of arrows of Kumbha, the monkey king Sugreeva pushed back his nephew Angada and himself attacked the son of Kumbhakarna on the battlefield in the same manner as a swift lion attacks an elephant roaming on the top of a mountain. 64-65.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥