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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 76: अङ्गद के द्वारा कम्पन और प्रजङ्घका द्विविद के द्वारा शोणिताक्षका, मैन्द के द्वारा यूपाक्षका और सुग्रीव के द्वारा कुम्भ का वध
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श्लोक 16
श्लोक
6.76.16
अङ्गदं परिरक्षन्तौ मैन्दो द्विविद एव च।
तस्य तस्थतुरभ्याशे परस्परदिदृक्षया॥ १६॥
अनुवाद
उस समय मैन्द और द्विविद अंगद की रक्षा के लिए उसके पास आकर खड़े हो गए और वे दोनों भी उपयुक्त विरोधियों की खोज में थे॥16॥
At that time Maind and Dwivid came and stood near Angad to protect him. Both of them were also looking for suitable opponents.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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