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विप्रलम्भितवस्त्रं च विमुक्तकवचध्वजम्।
बलं राक्षसमालम्ब्य वानरा: पर्यवारयन्॥ ६९॥
अनुवाद
राक्षसों के वस्त्र फट गए, उनके कवच और ध्वजाएँ टूट गईं और वानरों ने राक्षस सेना को रोककर उन्हें चारों ओर से घेर लिया। 69।
The clothes of the demons were torn, their armour and flags were broken, and the monkeys stopped the demonic army and surrounded them from all sides. 69.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे पञ्चसप्ततितम: सर्ग:॥ ७५॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें पचहत्तरवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ७५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥