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ramayan 6.75.51: चन्द्रमा, तारों और दोनों सेनाओं के आभूषणों की तेजस्वी प्रभा से आकाश प्रकाशित हो रहा था।   |   ramayan सर्ग 6.75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  6.75.51 
तत्र ताराधिपस्याभा ताराणां भा तथैव च।
तयोराभरणाभा च ज्वलिता द्यामभासयत्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
चन्द्रमा, तारों और दोनों सेनाओं के आभूषणों की तेजस्वी प्रभा से आकाश प्रकाशित हो रहा था।
 
The radiant radiance of the Moon, the stars and the ornaments of the two armies illuminated the sky. 51.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)