Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.75.43: तुम लोगों में से जो कोई युद्धभूमि में इधर-उधर उपस्थित होकर मेरी आज्ञा का पालन न करे - युद्ध से मुंह मोड़कर भाग जाए, उसे तुम सब लोग पकड़कर मार डालो; क्योंकि वही राजा की आज्ञा का उल्लंघन करने वाला होगा॥ 43॥ | ramayan सर्ग 6.75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यश्च वो वितथं कुर्यात् तत्र तत्राप्युपस्थित:।
स हन्तव्योऽभिसम्प्लुत्य राजशासनदूषक:॥ ४३॥
अनुवाद
तुम लोगों में से जो कोई युद्धभूमि में इधर-उधर उपस्थित होकर मेरी आज्ञा का पालन न करे - युद्ध से मुंह मोड़कर भाग जाए, उसे तुम सब लोग पकड़कर मार डालो; क्योंकि वही राजा की आज्ञा का उल्लंघन करने वाला होगा॥ 43॥
Whoever amongst you is present here and there on the battlefield but does not obey my orders - turns his face away from the battle and runs away, you all must catch him and kill him; because he will be the one violating the king's orders.'॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥