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ramayan 6.74.13: समुद्र के समान विशाल एवं भयंकर वानर सेना को बाणों से पीड़ित देखकर हनुमान्‌जी विभीषण के साथ जाम्बवान्‌ की खोज करने लगे॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.74: जाम्बवान् के आदेश से हनुमान्जी का हिमालय से दिव्य ओषधियों के पर्वत को लाना और उन ओषधियों की गन्ध से श्रीराम, लक्ष्मण एवं समस्त वानरों का पुनः स्वस्थ होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 74: जाम्बवान् के आदेश से हनुमान्जी का हिमालय से दिव्य ओषधियों के पर्वत को लाना और उन ओषधियों की गन्ध से श्रीराम, लक्ष्मण एवं समस्त वानरों का पुनः स्वस्थ होना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.74.13 
सागरौघनिभं भीमं दृष्ट्वा बाणार्दितं बलम्।
मार्गते जाम्बवन्तं च हनूमान् सविभीषण:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
समुद्र के समान विशाल एवं भयंकर वानर सेना को बाणों से पीड़ित देखकर हनुमान्‌जी विभीषण के साथ जाम्बवान्‌ की खोज करने लगे॥13॥
 
Seeing the huge and fierce monkey army like the ocean, being hit by arrows, Hanuman ji along with Vibhishana started searching for Jambavan. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)