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ramayan 6.73.68: लक्ष्मण! वह दुष्ट दैत्यराज इन्द्र, इन्द्रजित् द्वारा प्राप्त ब्रह्मास्त्र के द्वारा वानर सेना का संहार करके अब तीखे बाणों द्वारा हम दोनों को पीड़ा पहुँचा रहा है॥68॥   |   ramayan सर्ग 6.73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.73.68 
असौ पुनर्लक्ष्मण राक्षसेन्द्रो
ब्रह्मास्त्रमाश्रित्य सुरेन्द्रशत्रु:।
निपातयित्वा हरिसैन्यमस्मान्-
शितै: शरैरर्दयति प्रसक्तम्॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण! वह दुष्ट दैत्यराज इन्द्र, इन्द्रजित् द्वारा प्राप्त ब्रह्मास्त्र के द्वारा वानर सेना का संहार करके अब तीखे बाणों द्वारा हम दोनों को पीड़ा पहुँचा रहा है॥68॥
 
Laxman! That evil demon king Indra, after destroying the monkey army with the help of Brahmastra obtained by Indrajit, is now tormenting both of us with sharp arrows. 68॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)