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ramayan 6.73.57: उस समय उस विशाल राक्षसराज ने सूर्य के समान तेजस्वी तीक्ष्ण बाणों के समूहों से सम्पूर्ण दिशाओं को आच्छादित कर दिया और वानर सेनापतियों को घायल कर दिया ॥57॥   |   ramayan सर्ग 6.73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  6.73.57 
तत: स रक्षोधिपतिर्महात्मा
सर्वा दिशो बाणगणै: शिताग्रै:।
प्रच्छादयामास रविप्रकाशै-
र्विदारयामास च वानरेन्द्रान्॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
उस समय उस विशाल राक्षसराज ने सूर्य के समान तेजस्वी तीक्ष्ण बाणों के समूहों से सम्पूर्ण दिशाओं को आच्छादित कर दिया और वानर सेनापतियों को घायल कर दिया ॥57॥
 
At that time that gigantic king of demons covered all directions with groups of sharp arrows, as radiant as the Sun, and injured the monkey commanders. ॥ 57॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)