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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना  »  श्लोक 51-52h
 
 
श्लोक  6.73.51-52h 
आकुलां वानरीं सेनां शरजालेन पीडिताम्॥ ५१॥
हृष्ट: स परया प्रीत्या ददर्श क्षतजोक्षिताम्।
 
 
अनुवाद
उसके बाणों से घायल होकर वानर सेना व्याकुल और रक्त से लथपथ हो गई थी। उसने शत्रु सेना की दुर्दशा को बड़े हर्ष और प्रसन्नता के साथ देखा।
 
The monkey army was distraught and drenched in blood after being struck by his arrows. He saw the plight of the enemy army with great joy and happiness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)