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ramayan 6.73.5: देखो, आज मैं राम और लक्ष्मण के शरीर को बाणों से छेदता हूँ और उनके सब अंगों को तीखे भालों से भर देता हूँ, और वे दोनों भाई वृद्धावस्था को प्राप्त होकर सदा के लिए पृथ्वी पर सो जाएँगे॥5॥   |   ramayan सर्ग 6.73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.73.5 
पश्याद्य रामं सह लक्ष्मणेन
मद‍्बाणनिर्भिन्नविकीर्णदेहम्।
गतायुषं भूमितले शयानं
शितै: शरैराचितसर्वगात्रम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
देखो, आज मैं राम और लक्ष्मण के शरीर को बाणों से छेदता हूँ और उनके सब अंगों को तीखे भालों से भर देता हूँ, और वे दोनों भाई वृद्धावस्था को प्राप्त होकर सदा के लिए पृथ्वी पर सो जाएँगे॥5॥
 
See, today I pierce the bodies of Rama and Lakshmana with arrows and fill all their limbs with sharp spears, and both the brothers will attain old age and sleep on the earth forever.॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)