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ramayan 6.73.49-50h: चारों ओर फैली हुई प्रलयंकारी अग्नि के समान क्रोध से भरकर इन्द्रजित ने अन्य श्रेष्ठ वानरों को भी अनेक बाणों से घायल करके पीड़ा पहुँचाई।   |   ramayan सर्ग 6.73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.73.49-50h 
अन्यानपि तथा मुख्यान् वानरान् बहुभि: शरै:॥ ४९॥
अर्दयामास संक्रुद्ध: कालाग्निरिव मूर्च्छित:।
 
 
अनुवाद
चारों ओर फैली हुई प्रलयंकारी अग्नि के समान क्रोध से भरकर इन्द्रजित ने अन्य श्रेष्ठ वानरों को भी अनेक बाणों से घायल करके पीड़ा पहुँचाई।
 
Filled with rage like the fire of destruction spreading all around, Indrajit inflicted pain on the other best monkeys also by hitting them with numerous arrows. 49 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)