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ramayan 6.73.48-49h: फिर उन्होंने जाम्बवान को दस और नील को तीस बाणों से घायल कर दिया। तत्पश्चात उन्होंने वरदान में प्राप्त अनेक तीखे और भयानक बाणों से सुग्रीव, ऋषभ, अंगद और द्विविद पर आक्रमण करके उन्हें मार डाला।   |   ramayan सर्ग 6.73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  6.73.48-49h 
जाम्बवन्तं तु दशभिर्नीलं त्रिंशद्भिरेव च।
सुग्रीवमृषभं चैव सोऽङ्गदं द्विविदं तथा॥ ४८॥
घोरैर्दत्तवरैस्तीक्ष्णैर्निष्प्राणानकरोत् तदा।
 
 
अनुवाद
फिर उन्होंने जाम्बवान को दस और नील को तीस बाणों से घायल कर दिया। तत्पश्चात उन्होंने वरदान में प्राप्त अनेक तीखे और भयानक बाणों से सुग्रीव, ऋषभ, अंगद और द्विविद पर आक्रमण करके उन्हें मार डाला।
 
Then he wounded Jambavan with ten arrows and Neel with thirty arrows. Thereafter he attacked Sugreeva, Rishabha, Angad and Dwivid with many sharp and dreadful arrows that he had received as a boon and killed them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)