Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.73.37: रणभूमि में राक्षसों का हर्ष बढ़ाते हुए क्रोध में भरे हुए इन्द्रजित् एक-एक बाण से पाँच, सात और नौ वानरों को छिन्न-भिन्न कर देते थे ॥37॥ | ramayan सर्ग 6.73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शरेणैकेन च हरीन् नव पञ्च च सप्त च।
बिभेद समरे क्रुद्धो राक्षसान् सम्प्रहर्षयन्॥ ३७॥
अनुवाद
रणभूमि में राक्षसों का हर्ष बढ़ाते हुए क्रोध में भरे हुए इन्द्रजित् एक-एक बाण से पाँच, सात और नौ वानरों को छिन्न-भिन्न कर देते थे ॥37॥
While increasing the joy of the demons in the battlefield, Indrajit, filled with rage, used to disintegrate five, seven and nine monkeys with one arrow each. 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥