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श्लोक  6.73.24-25h 
स तत्राग्निं समास्तीर्य शरपत्रै: सतोमरै:॥ २४॥
छागस्य कृष्णवर्णस्य गलं जग्राह जीवत:।
 
 
अनुवाद
वहाँ उसने अग्नि के चारों ओर तोमर के साथ हथियार के समान सरकंडे के पत्ते फैलाये और फिर आहुति के लिए एक जीवित काले बकरे की गर्दन पकड़ ली।
 
There he spread around the fire the reed leaves which were like weapons along with the tomara and then caught hold of the neck of a live black goat for the oblation. 24 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)