Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.73.21-23h: तत्पश्चात् रथ से उतरकर अग्नि के समान तेजस्वी उस राक्षस-मुखधारी योद्धा ने पृथ्वी पर अग्नि स्थापित करके चंदन, पुष्प और लावा आदि से अग्निदेव की पूजा की। तत्पश्चात् उस प्रतापी दैत्यराज ने उत्तम मन्त्रों का विधिपूर्वक पाठ करके अग्नि में आहुति दी। 21-22 1/2॥ | ramayan सर्ग 6.73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् रथ से उतरकर अग्नि के समान तेजस्वी उस राक्षस-मुखधारी योद्धा ने पृथ्वी पर अग्नि स्थापित करके चंदन, पुष्प और लावा आदि से अग्निदेव की पूजा की। तत्पश्चात् उस प्रतापी दैत्यराज ने उत्तम मन्त्रों का विधिपूर्वक पाठ करके अग्नि में आहुति दी। 21-22 1/2॥
Then after getting down from the chariot and setting fire on the earth, that demon-headed warrior, who was as bright as fire, worshiped Agnidev with sandalwood, flowers and lava etc. After that, that glorious demon king ritually recited the best mantras and offered the oblation to the fire. 21-22 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥