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ramayan 6.73.18: पुत्र! तुम्हारा सामना करनेवाला कोई भी सारथी नहीं है। तुमने देवराज इन्द्र को भी परास्त कर दिया है। फिर जो पुरुष इतनी आसानी से जीता जा सकता है, उसे परास्त करना तुम्हारे लिए कौन-सी बड़ी बात है? तुम रघुवंशी राम को अवश्य मार डालोगे।॥18॥   |   ramayan सर्ग 6.73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.73.18 
त्वमप्रतिरथ: पुत्र त्वया वै वासवो जित:।
किं पुनर्मानुषं धृष्यं निहनिष्यसि राघवम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
पुत्र! तुम्हारा सामना करनेवाला कोई भी सारथी नहीं है। तुमने देवराज इन्द्र को भी परास्त कर दिया है। फिर जो पुरुष इतनी आसानी से जीता जा सकता है, उसे परास्त करना तुम्हारे लिए कौन-सी बड़ी बात है? तुम रघुवंशी राम को अवश्य मार डालोगे।॥18॥
 
Son! There is no rival charioteer who can face you. You have defeated even Devraj Indra. Then what is a big deal for you to defeat a man who is so easily conquerable? You will certainly kill Raghuvanshi Ram.'॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)