Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.70.7-8: परन्तु त्रिशिरा ने विषैले सर्पों के समान भयंकर बाण चलाकर उस वृक्ष को टुकड़े-टुकड़े कर दिया। वृक्ष को टूटा हुआ देखकर कपिकुंजर अंगद तुरन्त आकाश में कूद पड़े और त्रिशिरा पर वृक्षों और पत्थरों की वर्षा करने लगे; परन्तु क्रोध में भरे हुए त्रिशिरा ने तीखे बाणों से उन्हें काट डाला। 7-8॥ | ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परन्तु त्रिशिरा ने विषैले सर्पों के समान भयंकर बाण चलाकर उस वृक्ष को टुकड़े-टुकड़े कर दिया। वृक्ष को टूटा हुआ देखकर कपिकुंजर अंगद तुरन्त आकाश में कूद पड़े और त्रिशिरा पर वृक्षों और पत्थरों की वर्षा करने लगे; परन्तु क्रोध में भरे हुए त्रिशिरा ने तीखे बाणों से उन्हें काट डाला। 7-8॥
But Trishira cut that tree into pieces by shooting arrows as fierce as poisonous snakes. Seeing the tree broken, Kapikunjar Angad immediately jumped into the sky and started showering trees and stones on Trishira; But Trishira, filled with anger, cut them down with sharp arrows. 7-8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥