Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.70.63: उसकी भयंकर गदा ने देवताओं, यज्ञों और ब्राह्मणों के प्रति द्वेष रखने वाले उस भयंकर राक्षस की छाती में छेद कर दिया। फिर जैसे पर्वतराज हिमालय गेरू आदि धातुओं से मिश्रित जल बहाते हैं, वैसे ही वह भी बहुत अधिक मात्रा में रक्त बहाने लगा। | ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसकी भयंकर गदा ने देवताओं, यज्ञों और ब्राह्मणों के प्रति द्वेष रखने वाले उस भयंकर राक्षस की छाती में छेद कर दिया। फिर जैसे पर्वतराज हिमालय गेरू आदि धातुओं से मिश्रित जल बहाते हैं, वैसे ही वह भी बहुत अधिक मात्रा में रक्त बहाने लगा।
His dreadful mace pierced the chest of that fierce demon who was inimical to the gods, sacrifices and Brahmins. Then, just as the mountain king Himalayas sheds water mixed with metals like red ochre, he too started shedding blood in large quantities.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥