vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध
»
श्लोक 54
श्लोक
6.70.54
गदामादाय संक्रुद्धो मत्तो राक्षसपुङ्गव:।
हरीन् समभिदुद्राव युगान्ताग्निरिव ज्वलन्॥ ५४॥
अनुवाद
उस गदा को हाथ में लेकर भयंकर राक्षसराज महापार्श्व प्रलयकाल की अग्नि के समान प्रज्वलित होकर वानरों की ओर दौड़े।
Taking that mace in his hand, the fierce demon king Mahaparsva blazed up like the fire of doomsday and ran towards the monkeys.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×