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ramayan 6.70.45: राक्षस उसकी दहाड़ सहन नहीं कर सका, इसलिए वह अचानक उछलकर खड़ा हो गया और उठते ही उसने हनुमान को मुक्का मार दिया।   |   ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.70.45 
अमृष्यमाणस्तं घोषमुत्पपात निशाचर:।
उत्पत्य च हनूमन्तं ताडयामास मुष्टिना॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
राक्षस उसकी दहाड़ सहन नहीं कर सका, इसलिए वह अचानक उछलकर खड़ा हो गया और उठते ही उसने हनुमान को मुक्का मार दिया।
 
The demon could not bear his roar, so he suddenly jumped up and stood up. As soon as he got up, he punched Hanuman.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)