Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.70.34: तब पवनपुत्र ने क्रोधित होकर पर्वत की चोटी राक्षस पर फेंकी, किन्तु शक्तिशाली त्रिशिरा ने अपने तीखे बाणों से उसे टुकड़े-टुकड़े कर दिया। | ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स वायुसूनु: कुपितश्चिक्षेप शिखरं गिरे:।
त्रिशिरास्तच्छरैस्तीक्ष्णैर्बिभेद बहुधा बली॥ ३४॥
अनुवाद
तब पवनपुत्र ने क्रोधित होकर पर्वत की चोटी राक्षस पर फेंकी, किन्तु शक्तिशाली त्रिशिरा ने अपने तीखे बाणों से उसे टुकड़े-टुकड़े कर दिया।
Then the son of the wind, in anger, threw the peak of the mountain upon the demon, but the powerful Trishira broke him into pieces with his sharp arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥