श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.70.2 
आरूढो मेघसंकाशं वारणेन्द्रं महोदर:।
वालिपुत्रं महावीर्यमभिदुद्राव वेगवान्॥ २॥
 
 
अनुवाद
मेघ के समान विशाल हाथी पर बैठे हुए महोदर ने बड़े जोर से महाबली अंगद पर आक्रमण किया।
 
Mahodar, sitting on an elephant as big as a cloud, attacked the mighty Angada with great force.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)