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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध
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श्लोक 14
श्लोक
6.70.14
तस्य तेन प्रहारेण नागराजस्य संयुगे।
पेततुर्नयने तस्य विननाश स कुञ्जर:॥ १४॥
अनुवाद
युद्धभूमि में उस प्रहार से हाथी की दोनों आँखें निकलकर भूमि पर गिर पड़ीं और वह तत्काल मर गया ॥14॥
Due to that blow on the battlefield, both the eyes of the elephant came out and fell on the ground and he died instantly. ॥14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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