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ramayan 6.68.9: तदनन्तर, अत्यन्त कष्ट सहकर होश में आने पर राक्षसराज रावण कुम्भकर्ण के मारे हुए दुःख से दुःखी होकर विलाप करने लगा। उसकी समस्त इन्द्रियाँ शोक से व्याकुल हो गईं॥9॥   |   ramayan सर्ग 6.68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.68.9 
तत: कृच्छ्रात् समासाद्य संज्ञां राक्षसपुङ्गव:।
कुम्भकर्णवधाद् दीनो विललापाकुलेन्द्रिय:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर, अत्यन्त कष्ट सहकर होश में आने पर राक्षसराज रावण कुम्भकर्ण के मारे हुए दुःख से दुःखी होकर विलाप करने लगा। उसकी समस्त इन्द्रियाँ शोक से व्याकुल हो गईं॥9॥
 
Thereafter, after regaining consciousness after great pain, the demon king Ravana became sad due to the killing of Kumbhakarna and started lamenting. All his senses were disturbed with grief. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)