Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.68.7: अपने चाचा की मृत्यु का समाचार सुनकर देवान्तक, नरान्तक, त्रिशिरा और अतिकाय शोक से अभिभूत हो गए और जोर-जोर से रोने लगे।   |   ramayan सर्ग 6.68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.68.7 
पितृव्यं निहतं श्रुत्वा देवान्तकनरान्तकौ।
त्रिशिराश्चातिकायश्च रुरुदु: शोकपीडिता:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
अपने चाचा की मृत्यु का समाचार सुनकर देवान्तक, नरान्तक, त्रिशिरा और अतिकाय शोक से अभिभूत हो गए और जोर-जोर से रोने लगे।
 
On hearing the news of their uncle's death, Devantaka, Narantaka, Trishira and Atikaya were overcome with grief and began to cry profusely. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)